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Thursday, March 24, 2016

कुछ पीछे तो नहीं रह गया?

अरे सब सामान ले लिया क्या? बस में किसीका कुछ पीछे रह तो नहीं गया?

"जी सर, सब ले लिया ।" स्कूल ट्रिपसे वापिस आये सब बच्चे एक साथ चिल्लाये । और बससे उतरकर घरकी तरफ दौड़ गए ।

"सर, फिर भी बस में देख लेना ।"
हेडमास्टर का हुकुम होते ही सर वापिस बस में गए । बस में नजर घुमाते ही पता चला बहुत कुछ रह गया है पीछे । वेफर्स, चॉकलेट के रैपर्स और कोल्ड ड्रिंक पानी की खाली बोतले पड़ी थी । जबतक ये भरे थे, तबतक ये अपने थे । खाली होतेही ये अपने नहीं रहे । जितना हो सके, सर ने कैरी बैग में भर दिया और बस से उतर ने लगे ।

"कुछ रह तो नहीं गया पीछे?" हेडमास्टर के फिरसे सवाल पूछने पर सर ने हँसके नहीं का इशारा किया ।

पर अब सर का मन "कुछ पीछे तो नहीं रह गया?" इस सवाल के इर्द गिर्द घूमने लगा । जिंदगी के हर मोड़पर अलग अलग रूप में यही सवाल परेशान करता है । इस सवाल की व्याप्ती इतनी बड़ी होगी ये सरको अभी पता चला...

⏰ बचपन गुजरते गुजरते कुछ खेल खेलना पीछे तो नहीं रह गया?

⏰जवानी में किसीको चाहा पर जताने की हिम्मत नहीं हुई...कुछ पीछे तो नहीं रह गया?

जिंदगी के सफ़र में चलते चलते हर मुकाम पर यही सवाल परेशान करता रहा....कुछ पीछे तो नहीं रह गया?

⏰3 महीने के बच्चे को दाया के पास रखकर जॉब पर जानेवाली माँ को दाया ने पूछा...कुछ पीछे तो नहीं रह गया? पर्स, चाबी सब ले लिया ना?

अब वो कैसे हाँ कहे? पैसे के पीछे भागते भागते...सब कुछ पाने की ख्वाईश में वो सब कुछ तो पीछे छोड़कर जा रही है...


शादी में दुल्हन को बिदा करते ही
शादी का हॉल खाली करते हुए दुल्हन की भुआ ने पूछा..."भैया, कुछ पीछे तो नहीं रह गया ना? चेक करो ठीकसे ।.. बाप चेक करने गया तो दुल्हन के रूम में कुछ फूल सूखे पड़े थे ।  सब कुछ तो पीछे रह गया...25 साल जो नाम लेकर जिसको आवाज देता था लाड से...वो नाम पीछे रह गया और उस नाम के आगे गर्व से जो नाम लगाता था वो नाम भी पीछे रह गया अब...

"भैया, देखा? कुछ पीछे तो नहीं रह गया?" भुआ के इस सवाल पर आँखों में आये आंसू छुपाते बाप जुबाँ से तो नहीं बोला....पर दिल में एक ही आवाज थी...सब कुछ तो पीछे रह गया...

⏰ "कुछ पीछे तो नहीं रह गया?" शमशान से लौटते वक्त पुजारी ने पूछा । नहीं कहते हुए वो आगे बढ़ा...पर नजर फेर ली एक बार पीछे देखने के लिए....माँ की चिता की सुलगती आग देखकर मन भर आया । भागते हुए गया और थोडीसी राख चिमटी में लेकर लौटा ।

दोस्त ने पूछा...कुछ रह गया था क्या?

भरी आँखों से बोला...नहीं कुछ भी नहीं रहा अब...और जो रह गया वो अब कभी वापिस नहीं आ सकता

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