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Monday, November 12, 2018

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में नामांकन हेतु शुभ मुहूर्त


राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 के चुनावी समर में कूदने जा रहे प्रत्याशी भला शुभ मुहूर्त निकालने से पीछे कैसे रह सकते हैं??

राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि पर्चा दाखिले की अंतिम तिथि 19 नवंबर है। दाखिल नामों की स्क्रूटनी की तारीख 20 नवंबर है। प्रत्याशी 22 नवंबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान सात दिसंबर को जबकि मतों की गिनती 11 दिसंबर को होगी।

ज्योतिर्विद पण्डित दयानन्द शास्त्री ने बताया की वैदिक काल से लेकर आज तक किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ मुहूर्त देखने की परंपरा रही है। शुभ मुहूर्त में किया गया कार्य निर्विघ्न रूप से संपन्न होता है, ऐसा ऋषि-मुनियों का वचन है तथा यह अनुभवजन्य भी है।


पण्डित दयानन्द शास्त्री ने बताया कि शुभ मुहूर्त को लेकर पर्सनली मिलने के बाद कई नेता संतुष्ट नहीं होते तो वे बाद में कई बार फोन भी बात कर रहे हैं। दिन के साथ वे समय भी ध्यान में रख रहे हैं। इलेक्शन को लेकर विभिन्न पार्टीज के नेता लगातार उनके संपर्क में हैं। इस वर्ष चुनाव लड़ रहे कैंडीडेट्स न सिर्फ नामांकन के लिए बल्कि चुनाव प्रचार शुरु करने के लिए भी शुभ मुहूर्त जानना चाह रहे हैं।

 विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की मनोदशा को जानने के साथ-साथ ही अब प्रत्याशियों ने ज्योतिषियों की शरण में भी जाना शुरू कर दिया है। वे विद्वान और अनुभवी ज्योतिषियों से शुभ मुहूर्त निकलवा रहे हैं ताकि उस शुभ घड़ी में नामांकन दाखिल कर चुनावी मैदान में उतर सके।

इसके लिए ज्योतिषियों ने भी पंचागों का अध्ययन करना शुरू कर दिया है। अधिकांश प्रत्याशी और संभावित दावेदार अपने परिचित ज्योतिषियों से राय मशविरा लेने में लगे हुए हैं। ज्योतिषाचार्य  पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार राजनीति में ज्योतिष में राजयोग और शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व है। 19 नवम्बर 2018 को देवउठनी एकादशी होंने से यह दिन अपने आप में किसी भी कार्य की शुरुआत के लिये अबुझ महूर्त मन गया है।
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वस्तुत: किसी कार्य का तुरंत हो जाना या अल्प प्रयास में ही हो जाना यह सब जाने अनजाने में शुभ मुहूर्त/समय का ही परिणाम है। यह इसलिए जरूरी है कि हम व्यवहार में सुख-दु:ख, अच्छा-खराब, सफलता-असफलता का स्वाद दिन-प्रतिदिन लेते रहते हैं तथा दिनचार्य में शुभ-अशुभ भी अनुभूति करते रहते हैं।

यह स्वाभाविक-सी बात है कि इस अशुभ समय में किया गया कार्य या तो पूर्ण नहीं होगा या विलंब से होगा या व्यवधान के साथ होगा या नहीं भी हो सकता है। परंतु नकारात्मक विचार रखने वाले यह भी कह सकते हैं कि क्या गारंटी है कि शुभ समय में किया गया कार्य पूरा हो ही जाए या उसमें कोई व्यवधान न हो। लेकिन यह सच है कि अशुभ समय के चयन से तो शुभ समय का चयन अच्छा ही होगा, क्योंकि यदि अच्छा मुहूर्त हमारा भाग्य नहीं बदल सकता तो कार्य की सफलता के पथ को सुगम तो बना सकता है।

शुभ मुहूर्त आपके भविष्य को बदले या न बदले, परंतु जीवन के प्रमुख कार्य शुभ मुहूर्त में करते हैं तो आपका जीवन निश्चित ही आनंददायक बन जाएगा। अत: हमें अवश्य ही शुभ समय का चयन करना चाहिए।
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जानिए कैसे बनता है शुभ मुहूर्त?

ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार शुभ मुहूर्त निकालने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखा जाता है-

तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, नवग्रहों की स्थिति, मलमास, अधिकमास, शुक्र और गुरु अस्त, अशुभ योग, भद्रा, शुभ लग्न, शुभ योग तथा राहूकाल आदि इन्हीं के योग से शुभ मुहूर्त निकाला जाता है यथा सर्वार्थसिद्धि योग।

यदि सोमवार के दिन रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, अनुराधा तथा श्रवण नक्षत्र हो तो सर्वार्थसिद्धि योग का निर्माण होता है।

शुभ मुहूर्तों में सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त इनको माना जाता है-

गुरु-पुष्य योग -- यदि गुरुवार को चन्द्रमा पुष्य नक्षत्र में हो तो इससे पूर्ण सिद्धिदायक योग बन जाता है।

जब चतुर्दशी सोमवार को और पूर्णिमा या अमावस्या मंगलवार को हो तो सिद्धिदायक मुहूर्त होता है। इस योग में किया गया कार्य शीघ्र ही पूरा हो जाता है। अर्थात शुभ योगों की गणना कर उनका उचित समय पर जीवन में इस्तेमाल करना ही शुभ मुहूर्त पर किया गया कार्य कहलाता है।
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पूजा अनुष्ठान ,तंत्र-टोटकों का सहारा---

चुनाव में दावेदारी जताने वाले पार्टियों से टिकट पाने के लिए तरह-तरह के जतन कर रहे हैं। तकरीबन एक महीना पहले से शुरू हुई कवायद अब अपने अंतिम दौर में है। टिकट पाने और फिर चुनाव में जीत का सेहरा सिर बाँधने के लिए दावेदार पूजा-अर्चना में जुटे हैं। ज्योतिर्विद पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार विख्यात मंदिरों एवम वेदपाठी आचार्यों के पास इस समय ऐसे लोगों की काफी भीड़ है, जो निकाय चुनावों में किस्मत आजमा रहे हैं। इसके अलावा कई दावेदार तात्रिक अनुष्ठान ओर सब टोटके आजमा रहे हैं, जो उन्हें टिकट दिलाने ,ओर चुनाव में विजय देने में मददगार साबित हो सकते हैं।
इसके साथ साथ 11 या 21 वेदचार्यो द्वारा भेरू,माँ बगलामुखी, हनुमान जी आदि के विशेष पूजा अनुश्ठान चल रहे है
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उत्तम राजयोग के लिये नामांकन इन शुभ मुहूर्त में करें--

ध्यान रखें--राजस्थान में चुनाव 2018 के नामांकन की आखिरी तारीख 19 नवम्बर 2018 हैं।
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13नवंबर 2018 को सुबह 10.50 से दोपहर 1.31बजे सुर्य छठऔर लाभ,अमृत का चौघडि़या रहेगा। आज 13 नवंबर 2018 को त्रिपुष्कर और रवियोग है और 16 और 17 नवंबर को रवियोग हैं। इसलिए दोनों ही दिन फॉर्म भरने के लिए श्रेष्ठ बताए गए हैं। ज्योतिष में रवियोग को सबसे उत्तम योगों में से एक माना गया है। यह ग्रहों के राजा सूर्य से जुड़ा योग है। यह योग सफलता और विजयश्री को द्योतक भी है। जयोग के लिए भी इसको जाना जाता है। इसलिए इस दिन आवेदन किया जाए तो यह राजयोग बनाएगा और सफलता की संभावना अधिक रहेगी।
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14 नवंबर 2018 को 11:12तक शुभ का चौघड़िया रहेगा।
शाम 4.12 से 6बजे तक लाभ का चौघडि़या रहेगा।
कल 14 नवंबर 2018 को बुधवार है। प्रथम पूज्य गणेशजी का प्रिय दिन है। बुधवार को गणेशजी का नाम लेकर कोई भी काम शुरू किया जाए तो गणेशजी का आशीर्वाद मिलता है और वह कार्य निर्विघ्न संपन्न होता है। सरकारी काम के लिए इस दिन आवेदन करना शुभ माना गया है। इसलिए यह दिन चुनाव लड़ने के लिए आवेदन का उत्तम दिन है। इस दिन श्रवण नक्षत्र और मकर राशि में चंद्रमा होने से इस दिन का महत्व बढ़ जाता है।
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15 नवंबर 2018 को दोपहर में 12.11 से 1.30 बजे तक लाभ व अमृत का चौघड़िया में ।
वैसे भी 15 नवंबर 2018 के दिन शुक्ल पक्ष में सप्तमी तिथि की वृद्धि हो रही है। शुक्ल पक्ष की तिथि बढ़ना अच्छा माना गया है। इसलिए यह सामान्य मुहूर्त है। लेकिन इस दिन पूरे दिन भद्रा रहने से आवेदन करने वालों की संख्या कम रहने की संभावना है।
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16 नवंबर,रवि योग 12 .1:30 तक शुभ, चौघडि़या।
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17 नवंबर,रवि योग दोपहर 12.13से 4.11बजे तक चर, लाभ,अमृत बेला में
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19 नवंबर 2018 को दोपहर में 2.52से 5:35बजे तक लाभ,अमृत का चौघड़िया रहेगा।
चुनाव लड़ने के लिए आवेदन करने का यह दिन सबसे श्रेष्ठ है। इस दिन देवउठनी एकादशी है। जो अपने आप में हर शुभ काम के लिए अबूझ मुहूर्त है। संभावना है कि सबसे अधिक आवेदन इसी दिन किए जाएंगे। यह दिन हर राशि वालों के लिए फॉर्म भरने का अबूझ मुहूर्त बताया गया है।
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प्रत्याशी अपनी राशि के मुताबिक चुने तारीख़--

मेष 12 से17 नवम्बर 2018 तक
वृष 13से19
मिथुन 12,16से19
कर्क 13,14,15,19
सिंह 12,16,17
कन्या 13,14,15,19 नवम्बर
तुला 12,16,17
वृश्चिक 12से15,19
धनु 12से17
मकर 13से19
कुंभ 12,16से19
मीन 12से15,19 नवम्बर 2018 को
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क्या होता है शुभ मुहूर्त--

वैदिक काल से लेकर आज तक किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ मुहूर्त देखने की परंपरा रही है। शुभ मुहूर्त में किया गया कार्य निर्विघ्न रूप से संपन्न होता है, ऐसा ऋषि-मुनियों का वचन है तथा यह अनुभवजन्य भी है। इस वर्ष चुनाव लड़ रहे कैंडीडेट्स न सिर्फ नामांकन के लिए बल्कि चुनाव प्रचार शुरु करने के लिए भी शुभ मुहूर्त जानना चाह रहे हैं।
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नोट : कोई भी शुभ कार्य करने के लिए उस दिन आपका चन्द्रमा मजबूत होना चाहिए एवं आपको अपने कार्य स्थिर लग्न में करने चाहिए। पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार चुनाव के समय अपनी जन्म कुण्डली के योग और बलाबल, भलीभांति देखकर ही कोई कार्य (नामांकन आदि) करें।
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