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Monday, April 1, 2019

क्या कहती है तेजस्वी सूर्य की कुंडली

तेजस्वी सूर्या, एक नामी एडवोकेट एवम सामाजिक कार्यकर्ता है।
वे कर्नाटक भाजपा के प्रवक्ता, स्टेट जनरल सेकेट्री पर कार्य कर चुके हैं।

उन्होंने श्री कुमारन चिल्ड्रन होम से अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की ओर बेंगलुरू इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज, बंगलूरू से ला की डिग्री प्राप्त की हें।

उन्होंने मात्र 9 वर्ष की उम्र में वर्ष 2001 में राष्ट्रीय बालश्री सम्माम प्राप्त किया था।

उन्होंने एक स्वयम सेवी संस्था "एराइस इण्डिया" नामक एन जी ओ के साथ अनेक सामाजिक कार्य किये हें।
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उनका वजन लगभग 70 किलो, लम्बाई 5 फूल 9 इंच हें। उनके सीने/छाती का माप 38 इंच है।
उनकी आंखे और बालों का रंग काला हें।
उनका ग्रह नगर चिकमंगलूर हें।
उन्हें घूमना ओर पुस्तकें पढ़ने का शोक पसन्द हें।
उनकी मनपसंद फ़िल्म "बाहुबली"  है।
उन्हें फ़िल्म अभिनेत्री "आलिया भट्ट"  पसन्द हें।उन्हें श्वेत/सफ़ेद रंग बहुत अच्छा लगता हैं।
उनके कबड्डी खेलना बहुत पसन्द है।
भोजन में उन्हें इडली, साम्भर, वड़ा ओर नारियल चटनी बहुत प्रिय है।
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उनका जन्म बंगलूरू में 16 नवम्बर 1990 (शुक्रवार) को विक्रम सम्वत 2047 के कार्तिक मास की कृष्ण पक्षीय चतुर्दशी को दोपहर 4 बजकर 30 पर हुआ था।
(गूगल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार)
उस दिन चन्द्रमा ,तुला राशि ओर स्वाति नक्षत्र मे स्थित था और सूर्य वृश्चिक राशि में था।
उस दिन सुबह "सौभाग्य योग"  ओर करण "शकुनि" था।

पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार उनका जन्म मेष लग्न, तुला राशी में हुआ है।
द्वितीय भाव मे वृषभ का मंगल विद्यमान है।
चतुर्थ/सुख भाव में कर्क का वृहस्पति, केतु के साथ स्थित हैं।ये दोनों चांडाल दौष भी निर्मित कर रहे हैं।
अष्टम भाव मे वृश्चिक का सूर्य, बुध और शुक्र विद्यमान हैं।
नवम भाव /भाग्य स्थान में शनि,धनु राशि मे स्थित है जो प्रजा का कारक है।
पण्डित दयानन्द शास्त्री जी बताते हैं कि तेजस्वी सूर्य की कुंडली के दशम स्थान में मकर का राहु विराजित है जो राजनीति का कारक है और मंगल पर चौथी दृष्टि से अंगारक योग के साथ साथ पराक्रम भी दे रहा है।
इसी मंगल ने उन्हें बहुत कम उम्र में नामचीन वकील बना दिया।
वाणी का कारक बुध, सूर्य के साथ मिलकर बुधादित्य योग बना रहा हैं।
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 उन्हें इस समय शनि की महादशा में चंद्रमा की अंतर्दशा ओर शुक्र का प्रत्यंतर (14 अप्रेल 2019) चल रहा है।
इसके पश्चात उन्हें सूर्य की प्रत्यंतर दशा चलेगी , 14 अप्रेल से 13 मई 2019 तक।
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उनकी जन्म तिथि अनुसार 13 मई 2019 से 21 जून 2020 तक शनि की महादशा में मंगल की अंतर्दशा चलेगी जो उन्हें आश्चर्यजनक परिणाम देने वाली सिद्ध होगी।
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पण्डित दयानन्द शास्त्री ने बताया कि उनकी नवांश कुण्डली मिथुन लग्न की बनती है जहां सूर्य, दूसरे भाव मे, कर्क राशि मे स्थित है।
सप्तम स्थान में धनु राशि मे गुरु और शनि विद्यमान हैं।
वृषभ का मंगल, 12 वें भाव मे स्थित हैं।
👉🏻👉🏻👉🏻में पण्डित दयानन्द शास्त्री, तेजस्वी सूर्या को उनके उज्जवल ओर मंगलमय भविष्य की शुभकामनाएं देता हूँ।
वे भविष्य में बहुत नाम और सम्मान कमाएंगे।



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